‘2.0’ से लेकर ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ तक सामाजिक मुद्दों को समेटे आ रही हैं अक्षय की फ़िल्में

बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार अपनी फिल्मों में सामाजिक मुद्दों को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं. उनकी पिछली कुछ फिल्मों में या तो सामाजिक मुद्दों पर जोर दिया जाता है या वह फिल्म किसी व्यक्ति विशेष की जीवनी पर आधारित होती है. ऐसे ही हाल ही में रिलीज़ फिल्म ‘2.0’ में भी वह मोबाइल से हो रहे दुष्प्रभाव को लेकर लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं. आइए बताते हैं अक्षय की ऐसी ही सामाजिक मुद्दों से जुड़ी फिल्मों के बारे में:

1. टॉयलेट एक प्रेम कथा

निर्देशक श्री नारायण सिंह की फिल्म ट्वॉयलेट एक प्रेम कथा में अक्षय कुमार और भूमि पडनेकर ने बेहतरीन सामाजिक मुद्दा उठाया. भारत में आज भी कुछ परसेंट लोगों के घर शौचालय नहीं और वे खुले में शौच करने पर मजबूर हैं. अक्षय ने इस फिल्म के जरिए बताया कि ऐसा करना समाज को बीमार कर रहा है. फिल्म लोगों के दिलों तक पहुंची और बॉक्स ऑफिस पर कमाल का प्रदर्शन भी किया.

2. जॉली एलएलबी 2

निर्देशक सुभाष कपूर की फिल्म जॉली एलएलबी में अक्षय कुमार ने कोर्ट में होने वाली आम आदमी की समस्या को बेहतर तरीके से पेश किया था. फिल्म लोगों के दिल को छू गई और बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने बेहतर काम किया था.

3. पैडमैन

निर्देशक आर बाल्की की फिल्म पैडमैन में अक्षय ने महिलाओं से जुड़ी बीमारी के मुद्दे को उठाया था. समाज और खुद महिलाओं के दृष्टिकोण पर बनी इस फिल्म को लोगों ने खूब सराहा था. साथ ही यह फिल्म एक इंस्पाइरिंग स्टोरी पर आधारित थी.

4. ओह माई गॉड

निर्देशक उमेश शुक्ला की फिल्म ओह माई गॉड में जो लोग जाति धर्म और भगवान के नाम पर बिजनेस करते हैं उसका सही मतलब बताया गया है. अक्षय़ ने फिल्म मे भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाई थी जो परेश रावल को सही राह दिखाने में मदद करते हैं. फिल्म बहुत अच्छी थी और लोगों को भी बहुत पसंद आई थी.

5. गब्बर इज बेक

साल 2015 में आई निर्देशक कृष की फिल्म गब्बर इज बैक में अक्षय कुमार एक साधारण से आदमी बने थे. जिसमें वह कुछ भ्रष्ट व्यापारियों और नेताओं की के खिलाफ अकेले खड़े होकर लड़ते हैं. फिल्म में श्रुति हसन, सुनील ग्रोवर भी  मुख्य किरदारों में से एक थे.

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