भगवान राम ने हनुमान जी को बताई थी ये 3 महान बातें जो इंसान को हमेशा याद रखनी चाहिए

जब भी भगाण राम के परम और सच्चे भगत की चर्चा हुआ करती हैं तो हनुमान जी का नाम ना आये ऐसा हो ही नहीं सकता ।ऐसा शायद ही कोई धार्मिक स्थल होगा जहा भगवान राम और हनुमान जी को उपस्थित नै किया हो ।हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त थे वो वह भगवान राम के लिए हर वक्त वह उनकी किसी भी तरह की सेवा में अपनी जान तक देने के लिए तैयार हो जाते थे ।यहाँ तक की भगवान राम भी हनुमान जी को अपने छोटे भाई भारत की तरह ही रखा करते हैं और इस बात जिक्र सिर्फ रामायण में ही नहीं बल्कि हनुमान चालीसा में भी हुई हैं ।आज हम आपको बताएंगे भगवान राम की यह 3 महान बातें जो उन्होंने अपने परम भक्त श्री हनुमान जी से कही थी। यह बात भगवान राम ने हनुमान से उस समय कही थी जब वह माता सीता की खोज करने लंका में जा रहे थे।

प्रथम वचन
मनुष्य को कभी भी अपने बल का गलत प्रयोग नहीं करना चाहिए, चाहे वह कितना भी बलवान क्यों ना हो। मनुष्य को अपने बल का प्रयोग केवल दूसरों के हित के लिए ही करना चाहिए। जो मनुष्य अपने बल का प्रयोग दूसरों के अहित के लिए करता है, शीघ्र ही उसका सर्वनाश निश्चित है।
द्वितीय वचन
जब मनुष्य के मन में अहंकार उत्पन्न हो जाता है तो उसके समस्त पुण्य धीरे-धीरे क्षीण होने लगते हैं। इसलिए मनुष्य को अपने मन में अहंकार का भाव कभी नहीं लेना चाहिए। अगर गलती से मन में अहंकार का भाव उत्पन्न हो जाए तो उसे शीघ्र ही अपने मन से त्याग देना चाहिए वरना उस मनुष्य का अहंकार उसके ही पतन का कारण बन सकता है।
तृतीय वचन
मनुष्य का क्रोध धधकती ज्वाला के भाँति होता है, वह इस ज्वाला में दूसरों को तो जलाता ही है लेकिन स्वयं भी भस्म हो जाता है। किसी भी कार्य को करने से पूर्व मनुष्य को अपने क्रोध को त्यागकर शांत मन से आगे बढ़ना चाहिए, तभी किसी कार्य में सफलता मिल सकती है।

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