प्‍यार हो तो ऐसा! एसिड अटैक में चली गईं थीं आंखें और झुलस गया था चेहरा, फिर हॉस्पिटल में मिला सच्‍चा प्‍यार

समझदार इंसान प्यार को सरीर से नहीं बल्कि सच्चे मन से निभाते हैं और इसी बात को सच साबित किया हैं सरोज साहू और प्रमोदिनी राउल ने, जिनका प्यार बिलकुल सच्चा हैं और ये एक पाक इश्क का जीता जागता एग्जाम्पल हैं ।प्रमोदिनी ने बताया की वे जब 15 साल की थी उस दौरान एक फौजी ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया था लेकिन प्रमोदिनी ने उसे मना करदिया था ।इस बात से वो साख बहुत गुस्सा हो गया था और उसने प्रमोदिनी के मुँह पर एसिड फेक दिया था ।इस हादसे के बाद प्रमोदिनी की आँखे चली गई थी और उनका चेहरा भी खराब हो गया था ।हादसे के बाद उनका ज्‍यादातर समय अस्‍पताल के बिस्‍तर पर बीत रहा था. ऐसे में उन्‍होंने कभी सोचा नहीं होगा कि कोई उनके दिल के दरवाजे पर प्‍यार की दस्‍तक देगा |

प्रमोदिनी के चेहरे पर सर्जरी करनी थी तब डॉक्टर्स ने उनके पैर की चमड़ी ली थी । प्रमोदिनी को एक बार पूरा इलाज किये बगैर ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करदिया था जिसके बाद उनके पैर पर इन्फेक्शन हो गया था ।इस बार प्रमोदिनी जब अपने पैर का इलाज करने हॉस्पिटल आयी तो उनकी मुलाकात रोज कुमार साहू से हुई थी ।सरोज अस्‍पताल की एक नर्स के दोस्‍त थे।डॉक्टर ने जब बताया की अब प्रमोदिनी को चलने में करीब 4 साल लग जाएंगे तो वह खड़ी उनकी माँ अपने आंसू ना रोक सकीय और रोने लग गई ।उनको इतना रट देख सरोज ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया ।

शुरू-शुरू में प्रमोदिनी और सरोज एक-दूसरे बात तक नहीं करते थे. सरोज रोज़-रोज़ अस्‍पताल जाते और प्रमोदिनी को दिलासा देते. फिर एक दिन सरोज ने अपनी नौकरी छोड़ दी और दिन के आठ घंटे वो अस्‍पताल में प्रमोदिनी की सेवा करते. अब दोनों एक साथ समय बिताने लगे और उनमें प्‍यार भी परवान चढ़ने लगा. हालांकि प्रमोदिनी अपनी हालत को देखते हुए किसी रिश्‍ते में बंधने से झ‍िझक रही थीं. लेकिन जब सरोज ने उन्‍हें शादी के लिए प्रपोज किया तो उन्‍हें एहसास हो गया कि अब उनके अलावा वो कहीं और नहीं रह सकतीं.

सरोज और प्रमोदिनी पिछले एक साल दिल्‍ली में साथ-साथ रह रहे हैं और जल्‍द से जल्‍द शादी करने की प्‍लानिंग कर रहे हैं|प्रमोदिनी की कुछ और सर्जरी होनी बाकि हैं जिसके बाद वो सरोज के साथ शादी के बंधन में बंध जाएंगी|लेकिन प्रमोदिनी के गुनाहगारो को अभी तक सजा नहीं मिली हैं और वो सरे आम सभी कामने आराम से घूम रहा हैं ।

बहरहाल, हम तो यही कहेंगे कि प्‍यार तो सच्‍चा ही होता है और जो प्‍यार सच्‍चा न हो वह प्‍यार कैसा. सरोज और प्रमोदिनी ने साबित कर दिखाया है कि प्‍यार दो जिस्‍मों का नहीं बल्‍कि दो आत्‍माओं का मिलन है. हमारी ओर से प्रमोदिनी और सरोज को ढेर सारी शुभकामनाएं.

- Advertisement -

फेसबुक वार्तालाप