पत्नी का दूसरे आदमी से अफेयर है, क्या करेंगे आप ? PCS में पूछा गया ये सनसनीख़ेज़ सवाल तो जवाब मिला कि…

आज के समाज में सभी ये ही मानते हैं की आईएएस और पीसीएस के एग्जाम देश के सबसे कठोर एग्जामो में से एक हैं और शायद होते भी होंगे । बताया जाता हैं की आईएएस पीसीएस के एग्जाम क्वे बाद एक इंटरव्यू भी हुआ करता हैं वो इंटरव्यू भी बहुत कठिन होता हैं । ये इंटरव्यू ऐसे होते हैं जहा आप की नॉलेज से ज्यादा आप के व्यक्तित्व के बारे में ज्यादा पूछा जाता हैं । आज हम आप की जानकारी के लिए बता रहे हैं की अभी हाल ही में हुए यूपी लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित सिविल जज एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट आगया हैं और इसमें प्रतापगढ़ के लालगंज के रहने वाले विनोद पाण्डे ने इस एग्जाम को क्लियर कर लिया हैं । बताया जा रहा हैं की विनोद इस एग्जाम में थर्ड रेंक पर आये हैं ।

पास होने के बाद विनोद ने एक इंटरव्यू के दौरान एग्जाम में एग्जाम में पूछे जाने वाले बहुत ही अजीबोगरीब क्वेश्चन के बारे में बताया |विनोद ने बताया कि उन्होंने इन्हीं सवालों का जवाब देकर सिविल जज का एग्जाम क्रैक किया. विनोद ने आगे बताया कि, “मैं मूल रूप से प्रतापगढ़ की लालगंज तहसील के रामगढ़ रैला गांव का रहने वाला हूं और मेरे पिता पोस्ट ऑफिस में एजेंट हैं. मेरा बचपन काफी गरीबी में बीता. 1997 में 12वीं क्लास पास होते ही मेरा सिलेक्शन एयरफोर्स में बतौर सार्जेंटहो गया था.”

विनोद ने बताया की एग्जाम के बाद जब उनका इंटरव्यू लिया जा रहा था उस पैनल में एक हाईकोर्ट जज और दो सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स मौजूद थे और उनका इंटरव्यू तकरीबन 20 मिनट तक चला था.। अब जानिए विनोद से इस परीक्षा में किये गए कैसे-कैसे सवाल जिनके जवाब सुनकर आप हैरान रह जायेंगें |

विनोद से पूछा गया पहला सवाल: आपको पता चले कि आपकी पत्नी के किसी से अवैध सम्बंध हैं, आप क्या करेंगे?

विनोद ने कहा कि, ” मैं आईपीसी की धारा 497 का प्रयोग करके उस व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराऊंगा.”

ऐसे में विनोद से इसी से जुड़ा दूसरा सवाल किया गया कि क्या ऐसी स्थिति में आप अपनी पत्नी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई कर सकते हैं ?

जिसके जवाब में विनोद ने बताया कि, ” इस स्थिति में मेरी पत्नी दोषी नहीं मानी जाएगी. मैं उसके खिलाफ कोई लीगल एक्शन नहीं ले सकता.”

अगला सवाल: किन लेखक की किताब आपने सबसे ज्यादा पढ़ी है?विनोद ने जवाब दिया कि, “स्वामी विवेकानंद और एपीजे अब्दुल कलाम की.

अब विनोद से अगला सवाल किया गया कि, आपने डॉ. कलाम की बुक्स से क्या सीखा? आपको इनसे क्या प्रेरणा मिली?

तो जवाब में विनोद ने कहा, “लक्ष्य हमेशा बड़ा बनाओ, छोटा लक्ष्य बनाना अपराध है.” “सपने वो नहीं जो सोते वक़्त आते हैं, सपने वो होते हैं जो सोने ना दें.” कलाम साब की इन पक्तियों ने मुझे प्रेरित किया.

विनोद से अगला सवाल किया गया कि, “उन्होंने हाल ही में कौन सी फिल्म देखी? और उस फिल्म से उन्हें क्या प्रेरणा मिली?

विनोद का जवाब: ‘दंगल’, इस फिल्म में दिखाया गया कि बेटा और बेटी एक समान होती हैं. जरूरत है कि हम बेटियों तो भी बेटों की ही तरह समझें. शिक्षा जैसी उनकी हर इच्छा हमें पूरी करनी चाहिए.

विनोद की हाज़िरजवाबी से प्रभावित जजों ने अब कहा कि, “आप खुद तो इकलौते बेटे हैं लेकिन आप की दो बेटियां-बेटियां हैं आपने कभी बेटे के लिए प्रयास क्यों नहीं किया?”

जवाब में विनोद ने बताया कि, “मेरी बेटियां बेटों से कम नहीं हैं. वो मेरे जीवन में उर्जा का संचार करती हैं. मुझे ऐसा लगता है कि बेटियां भी अपने माँ बाप को वो सब दे सकती हैं जिसकी अपेक्षा हम सिर्फ बेटों से ही करते हैं.”

यहाँ जिज्ञासावश जजों ने पूछा कि क्या आपके परिवार ने आपको बेटों के लिए कभी दबाव नहीं डाला?

जिसके जवाब में विनोद ने बताया कि, “मेरे परिवार ने बेटों के लिए मुझपर काफी दबाव बनाया लेकिन मैं और मेरी पत्नी ने तय कर लिया था कि हमारी बेटियां ही हमारे बेटे हैं.”

अगला सवाल, “आप अपने जीवन की दो ऐसी घटनाएं बताइए जिनमे आपको बेहद ख़ुशी और बहुत दुःख हुआ हो.”

जवाब : “सबसे ज्यादा ख़ुशी एयरफोर्स की जॉब मिलने से हुई थी, और दुखी होने वाली कोई घटना नहीं है.”

अगला सवाल: किसी भी केस के लिए लीव पेटिशन कब फाइल कर सकते हैं?

जवाब: जब अपील के सारे रास्ते ख़त्म हो जाते हैं तब.  लीव पेटिशन को एक्सेप्ट करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट के पास है.

सवाल: जजों की नियुक्ति कैसे होती है?

विनोद का जवाब: भारतीय संविधान की धारा 124(2) के अनुसर जजों की नियुक्ति होती है.
सवाल : आप एडमिनिस्ट्रेटर किसे मानते हैं?
जवाब: सरकारी तन्त्र और जिसकी सरकार हो उसे.

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