चीन के वैज्ञानिकों ने बना दिया खुद का कृत्रिम सूर्य, असल सूर्य से तीन गुना ज्यादा है गर्म

सूर्य ऊर्जा  सबसे बड़ा स्त्रोत है यह बात हम सभी अच्छे से जानते हैं. अगर हम कहे कि ब्रह्मांड में सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है तो यह बात गलत नहीं होगी. बता दें कि सूरज एक तारा है जिसमें हीलियम और हाइड्रोजन जैसी गैस हैं. सूर्य का तापमान 5778 K है. चौंकाने वाली बात तो यह है कि हाल ही में चीन के वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिम सूर्य बना लिया है. सुनकर शायद आपको यकीन न हो लेकिन यह बात बिल्कुल सच है. जी हाँ! तो चलिए जानते हैं कृत्रिम सूर्य के बारे में कुछ खास बातें.

असली सूर्य के अपेक्षा कृत्रिम सूर्य तीन गुना ज्यादा गर्म है. इस सूर्य का निर्माण इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस, चीन के वैज्ञानिकों ने किया है. कई सालों से चीन के वैज्ञानिक सूर्य पर प्रयोग कर रहे थे लेकिन सफलता अब जाकर मिली है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस सूर्य में वैज्ञानिकों ने 5 करोड़ डिग्री सेल्सियस तापमान को उत्पन्न किया है. हालांकि इस तापमान को उत्पन्न करने में चीन के वैज्ञानिकों कई साल लग गए हैं.

ऐसा भी कहा जा रहा है कि वैज्ञानिकों ने धरती पर ऊर्जा के बढ़ते हुए संकट से निपटने के लिए भी इस कृत्रिम सूर्य  का निर्माण किया है. इस सूर्य से इंसान की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता काफी हद तक कम की जा सकेगी. खास बात तो यह है कि इस सूर्य में उत्पन्न की गई नाभिकीय ऊर्जा को विशेष तकनीक के द्वारा बदला जाएगा. ताकि पर्यावरण के लिए किसी भी तरह से कोई नुकसान न हो. बता दें कि सूर्य सौरमंडल के केन्द्र में स्थित एक तारा हैं जिसके चारों तरफ पृथ्वी और अन्य ग्रह भी घूमते हैं. 13 लाख 90 हजार किलोमीटर है जो पृथ्वी से लगभग सूर्य पृथ्वी से 109 गुना बड़ा है.

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सूर्य पूरब से पश्चिम की ओर 27 दिनों में अपने अक्ष पर एक परिक्रमा करता है. पृथ्वी और अन्य ग्रह सूरज की तरह सूर्य भी आकाश गंगा की परिक्रमा करता है. सूर्य यह परिक्रमा 22 से 25 करोड़ वर्ष में कर पाता है. सूर्य के द्वारा इस परिक्रमा में लगने वाले समय को निहारिका वर्ष कहते हैं. सूर्य यह परिक्रमा 251 किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति से करता है.

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